Successful Project

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Social
Matrichhaya Shishu Kalyan Kendra, Bhind

Every day we get to read such shocking news that a newborn was found in the bushes. So many times people mercilessly throw their innocent babies in dirty dra...

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Education
Sewa Bharti Tribal Hostel 'Kedardham', Gwalior

Sewa Bharti Sarla Vinod Prakash Tribal Excellence Hostel, Gwalior was established in 2000 with a total of 27 Tribal Students. The construction work of this h...

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Education
Vanwasi Residential High School, Dabra

A residential school was set up in the year 2003 in Tehsil Dabra of District Gwalior for socio-economic development of the children of Sahariya tribe residin...

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give

Volunteers are the only benvolent faces who represent the compassion, warmth, patience and 'Sewa Philosophy' of that Nation. They are truly generous people who give silently without hope of praise or reward.

Be A Volunteer

SEWA BHARTI - INTRODUCTION

Taking the nation to the ultimate glory'. Sewa Bharti's visionary approach is to uplift the health, hunger, and education of the most economically weaker sections of our society, including tribal and indigenous communities. Sewa Bharti also works among slum dwellers and resettlement colonies (Sewa Basti) by introducing welfare and social service programs. Sewa Bharti is committed to make the Nation 'Samarth and Samaras Bharat' by awakening the spirit of Sewa in society. Sewa Bharti provides free medical, value-based education to deprived society and operates skillful training assistance for youth to make them Self-Reliant.

Successful Events

Sewarth Pathshala In Sewa Basti

Under the guidance of the Senior Svyamsewak of Gwalior,  the Vivekananda Needam, started free education service for students of  Sewa Basti since the time of Corona. Sewa Bharti's Sangathan Mantri Shri Ramendra Singh Ji Ghuraiya Ji arrived at Vivekananda Needam. He reached Sewarth Pathshala, greeted all the teachers who taught there, and congratulated him for doing this best work. he also discussed with the children and asked all the children to follow the path given by the...

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events

Sewabharti Updates

सेवा भारती ने बाढ़ पीड़ितों के लिए बढ़ाया मदद का हाथ

लगातार हो रही बारिश और नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण भितरवार, हरसी, मेहगाँव क्षेत्र में आयी भीषण बाढ़ से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। लोग अपने घरों को छोड़कर रानीघाटी गौशाला में आ रहे है। गौशाला व आसपास के गांवों में अस्थायी रूप से लगभग 1000 लोगों की रहने की व्यवस्था की गई है।

ऐसी कठिन परिस्थिति में एक बार फिर सेवा भारती ने अपने स्वाभाविक कर्तव्य एवं दायित्व बोध के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सेवा कार्य आरंभ कर दिया गया है। सेवा भारती महानगर ग्वालियर एवं डबरा के संयुक्त प्रयासों से इस क्षेत्र में कार्यकर्ता राहत, पुनर्वास एवं बचाव कार्यों के अतिरिक्त राशन सामग्री एवं भोजन पैकेट उपलब्ध कराने में जुटे हुए है। 


सेवा भारती संस्कार केंद्र के बच्चों ने भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली।

भाव के भूखे प्रभु हमारे, 
स्नेह दृष्टि से हमें निहारे।।

सेवा भारती मध्य भारत प्रांत के गंजबासौदा, राजेन्द्र नगर सेवा बस्ती में चलने वाले संस्कार केंद्र के बच्चों ने भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली। 

जय जय जगन्नाथ !
#नन्होंकीरथयात्रा
#श्री_जगन्नाथ #JayJagannath


Sewa Bharti Vaibhav Shri Svyam Sahyata Samuh Meeeting Was Held In Anand Dham Bhopal.

The meeting of Sewa Bharti Vaibhav Shree Svyam Sahayta Samuh  was held at Anand Dham,  Bhopal on Friday. Training in-charge of Sewa Bharti Vaibhav Shree Madhya Kshetra Shri Vinod Ji Mohane guided the volunteers of Sewa Bharti Bhopal. Shri Mohane ji told that it is necessary to empower Vaibhavshree group to make half of the population self-reliant. According to the action plan in this meeting, a target has been set to make more than 5000 Diya and Electric jhalers.

During the meeting, Secretary of Sewa Bharti Bhopal, Shri Dhaniram Singh Ji Pawar, Madhya Bharat Prant Treasurer Shri Rajnarayan Ji Agnihotri, Mahanagar Coordinator Shri Karan Singh Ji Kaushik, Volunteer Shri Kailash Ji Kushwaha, Balram Dhumeria and Vaibhav Shri's sisters were present.

Earlier yesterday, Shri Vinod ji Mohane reached Radha Krishna Colony located in Ekta Nagar Basti of Sewa Bharti Shankaracharya Mandal. There he inspected the items made from cow dung by the Vaibhav Shree group and appreciated them. He told that through small savings, each sister of the group can support each other and take steps towards self-reliance. While making the society harmonious, members of Vaibhav Shree should take care of each other and think together about the interest of society. The meeting was concluded by Kalyan Mantra.

 


संस्कार केंद्र के बच्चों ने किया पौधारोपण, पर्यावरण की रक्षा के लिए बना रहे बेहतर भविष्य !

सेवा भारती संस्कार केंद्र गंजबासौदा के छोटे छोटे बच्चों ने देहात थाना पहुंचकर थाना परिसर में पौधारोपण किया। इस दौरान सभी बच्चे रैली के रूप में देहात थाने पहुंचे और थाना स्टॉफ के साथ मिलकर थाना परिसर में कई किस्म के पौधों का रोपण किया। #PlantATree


धरतीपुत्र देवेंद्र बना सरस्वती पुत्र ! 

बूढ़े पिता की आंसुओं से भरी आँखों के लिए यह विश्वास करना कठिन हो रहा था कि मंच पर खड़ा पढ़ा लिखा, सधी जुबान में बात करने वाला नौजवान उनका बेटा देवेंद्र आदिवासी है। आज उनका सीना गर्व से चौड़ा हो गया था देवेंद्र ने मंच से एक विद्यार्थी की पढाई का खर्च उठाने की घोषणा की थी। वो अभी तक नहीं भूले कि उनकी शराब की लत के कारण आये दिन अपमान का घूंट पीना न पड़े  इसलिए देवेंद्र ने  कुछ समय के लिए घर आना ही छोड़ दिया था। मन में आगे पढने की चाह रखने वाले शिवपुरी के नजदीक ममवानी गांव के इस वनवासी बालक का सहारा बना सेवा भारती  शिवपुरी (मध्यप्रदेश) का वनवासी छात्रावास। यहाँ रहकर पिछड़ी जनजातियों के बच्चे 6वीं से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई निःशुल्क करते हैं। यहीं रहकर उसने विवेकानंद महाविद्यालय से बी.ए. किया व अब शिवपुरी में शासकीय विभाग में चपरासी की नौकरी कर रहा है। 
देवेंद्र की कहानी में सबसे सुखद क्षण तब आया जब पुराने विद्यार्थियों को छात्रावास के एनुअल फंक्शन में बुलाया गया इस बार फर्ज निभाने की बारी इस पुराने विद्यार्थी की थी। वही उसने किया।  अपनी पहली कमाई से देवेंद्र ने एक छात्र की पढ़ाई लिखाई का खर्च उठाने का संकल्प लिया। यानी छठी से बारहवीं तक इस बालक की प्रतिवर्ष वार्षिक फीस 5000 रू। आज अपने माता-पिता बीवी बच्चों के साथ देवेंद्र एक खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं और हां पिता हरिराम शराब पूरी तरह त्याग चुके हैं एवं एक ठाकुर जी के यहां मंदिर में नौकरी भी करते हैं।


सपना जो सच हो गया !

हर छोटे बच्चे की तरह सोनू को भी हवाई जहाज भाता था। बचपन में गांव की पथरीली जमीन पर नंगे पांव जहाज के पीछे वो तब तक दौडता रहता ,जब तक कि जहाज उसकी आँखों से ओझल नहीं हो जाता।मध्यप्रदेश के छोटे से गांव सिरौल का ये वनवासी बालक एक बार हवाई जहाज में उडना चाहता था। पर उसके लिए तो ये कभी न पूरा होने वाले सपने था उसके गांव के अधिकतर बच्चे या तो खेती करते थे या मजदूरी।अपने मजदूर पिता का हाथ बटाने के लिए अकसर उसे स्कुल छोडना पडता था। विलुप्ति की कगार पर खड़ी अतिपिछडी सहरिया जनजाति से ताल्लुक रखने वाले सोनू कुमार व उसके जैसे अधिकांश बच्चों के सपने आर्थिक तंगी व मजबूरी के बोझ तले दबकर रह जाते हैं। पर सोनू के साथ ऐसा नहीं हुआ, नवंबर 2015 में सोनू जब भारत से ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए हवाई जहाज में बैठा तब वो विश्व चैंपियनशिप में भारत की बेसबॉल टीम का प्रतिनिधित्व कर रहा था। सोनू का सपना पूरा हुआ सेवा भारती डबरा द्वारा संचालित वनवासी आवासीय विद्यालय के सहयोग से जहां सोनू जैसे 400 से अधिक बच्चे लगभग निशुल्क पढते हैं।इनके रहने खाने, पढ़ने, यूनिफार्म, फीस सबका खर्चा मैनेजमेंट कमेटी उठाती है। आज बी. ए. फाइनल कर रहा सोनू पुलिस इंस्पेक्टर बनना चाहता है। फिलहाल इसी हॉस्टल में रहकर 20 साल का सोनू एमपीईबी ( एमपी पुलिस )की तैयारी कर रहा है। और हां बेसबॉल अभी भी नहीं छूटा है हॉस्टल में चलने वाले नियमित मैचों में वो अब भी प्रैक्टिस करता है. वह देश की तीन अलग-अलग यूनिवर्सिटी हरियाणा आंध्र प्रदेश दिल्ली के लिए ऑल इंडिया बेसबॉल चैंपियनशिप में खेल चुका है।


सेवा भारती महानगर ग्वालियर द्वारा प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन !

नई सड़क स्थित विवेकानंद सभागार में सरस्वती पूजन के पश्चात एकदिवसीय  प्रशिक्षण कार्यक्रम आरंभ किया गया। प्रथम सत्र में प्रशिक्षक एवं पूर्णकालिक सियाराम जी धाकड़ ने 'सेवा बस्तियों' की बहनों को संबोधित एवं प्रशिक्षित किया।  
द्वितीय सत्र में पूर्णकालिक इंद्रजीत शर्मा ने सेवा भारती के कार्य एवं उसकी प्रणाली का संक्षिप्त परिचय रखा।
मुख्य वक्ता के तौर पर आमंत्रित 'भारतीय शिक्षण मंडल' ग्वालियर महानगर सचिव श्री नवनीत पचौरी जी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि व्यवहारों की जटिलता से मनोविज्ञान प्रारंभ होता है। बच्चों के शैक्षणिक प्रक्रिया में इस विषय की महत्वपूर्ण भूमिका है। बच्चों के संवेग एवं उनकी प्रतिभा को पहचान कर मनोवैज्ञानिक विधियों द्वारा समायोजन किया जाना चाहिए जिससे बच्चों के व्यक्तित्व और शैक्षणिक विकास उपलब्धियों में उत्तरोत्तर वृद्धि हो। 
श्री नवनीत पचौरी ने कहा कि सभी बच्चों में कोई न कोई विशिष्ट प्रतिभा होती है, यह पहचान एक शिक्षक और आचार्य को होना चाहिए और इन सब के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम में महानगर सचिव पराकुश शर्मा, सह सचिव अर्चना जी शर्मा, कोषाध्यक्ष श्री दिलीप जी रस्तोगी, राजेश जी चौरसिया आदि उपस्थित रहे।


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